राष्ट्रीय
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की जालंधर यात्रा के दौरान 14 से 16 जनवरी ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित


पंजाब के जालंधर से एक अहम खबर सामने आई है जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की 16 जनवरी को होने वाली यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 14 से 16 जनवरी तक जालंधर जिले के पूरे क्षेत्र को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार के ड्रोन, सिविल रिमोट एयरक्राफ्ट या पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम को उड़ाने पर सख्त पाबंदी रहेगी। यह कदम राष्ट्रपति की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है ताकि उनकी यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और बेहतरीन तरीके से संपन्न हो सके।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमनइंदर कौर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस दौरान जिले में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, राष्ट्रपति और अन्य वीवीआईपी मेहमानों के हेलीकॉप्टर तथा हवाई जहाजों को इस पाबंदी से छूट दी गई है ताकि उनके आवागमन में कोई दिक्कत न आए। इस पाबंदी का मकसद सुरक्षा को सुनिश्चित करना है और इसके तहत सिविल उड़ानों को नियंत्रित किया जाएगा। प्रशासन ने सुरक्षा के इस कड़े इंतजाम से जिलेवासियों से सहयोग की अपील भी की है ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 15 जनवरी को अमृतसर पहुंचेंगी जहाँ उनका गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वह सड़क मार्ग से गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (GNDU) पहुंचेंगी, जहाँ वह गोल्डन जुबली कन्वोकेशन के मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करेंगी। इस कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पीसीएस रैंक के लगभग 30 अधिकारियों की एक विशेष टीम नियुक्त की गई है। विश्वविद्यालय परिसर, रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां चौकस नजर आएंगी ताकि कार्यक्रम पूरी शांति और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
अमृतसर में कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति ताज स्वर्णा होटल में ठहरेंगी और अगले दिन सुबह वह श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जालंधर के लिए रवाना होंगी। जालंधर में वे डॉ. बी.आर. अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) के 21वें कन्वोकेशन में शामिल होंगी। जिला प्रशासन ने इस दौरे के दौरान सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की कड़ी तैयारियां कर रखी हैं ताकि राष्ट्रपति के दौरे में किसी भी प्रकार की कोई चूक न हो। प्रशासन की यह पूरी व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि राष्ट्रपति का यह दौरा यादगार और सुरक्षित हो।